मोतीलेदा, गिरिडीह स्थित सालूजा गोल्ड कॉलेज ऑफ फार्मेसी में दवा मूल्य निर्धारण (Drug Pricing) को लेकर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नेशनल फ़ार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) के विशेषज्ञ ने दवाओं की कीमत नियंत्रित करने की प्रक्रिया, नियमों और उनके सामाजिक प्रभाव पर विस्तृत जानकारी दी। छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर दवा मूल्य निर्धारण की प्रणाली, सरकारी नीतियों और स्वास्थ्य सेवाओं पर कीमतों के असर को समझा। विशेषज्ञों का कहना था कि पारदर्शिता और जागरूकता से ही आम जनता तक सस्ती और आवश्यक दवाएँ पहुँचाई जा सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्राचार्य प्रो. दिवाकर तिवारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्र न सिर्फ अकादमिक रूप से मजबूत होते हैं, बल्कि भविष्य के फार्मेसी प्रोफेशनल के रूप में उनकी नीति संबंधी समझ भी विकसित होती है। उन्होंने बताया कि कॉलेज आगे भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े नवीनतम अपडेट समय-समय पर मिलते रहें। कार्यक्रम ने छात्रों में फार्मेसी सेक्टर की नीतियों और पारदर्शी दवा मूल्य निर्धारण की आवश्यकता के प्रति जागरूकता को और भी मजबूत किया।












