गिरिडीह जिले के गावां वन प्रक्षेत्र के चरकी, नीमाडीह, हरलाघाटी, बेलाखूंटा, गोबरदहा, चरका, भुजवा, सुरंगी, सदवा व सलया सहित कई जंगलों में इन दिनों बड़े पैमाने पर ढीबरा का अवैध उत्खनन चरम पर है। स्थानीय लोगों के अनुसार माफिया धड़ल्ले से विस्फोटकों का इस्तेमाल कर पहाड़ उड़ा रहे हैं और जेसीबी–ट्रैक्टर से रात–दिन खनन जारी है। निकाला गया ढीबरा बड़ी मात्रा में डोमचांच व गिरिडीह की फैक्ट्रियों में पहुँचाया जा रहा है। लगातार उत्खनन से जंगल, पहाड़ और पर्यावरण पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि कई जगह नाबालिग बच्चों को भी अवैध खनन में लगाया जा रहा है, जो बाल श्रम और सुरक्षा दोनों के लिहाज से गंभीर अपराध है। सरकार की कमजोर निगरानी और विभाग की उदासीनता से माफियाओं का हौसला बुलंद है और राजस्व की भारी क्षति हो रही है। इस मुद्दे पर कार्रवाई न होने से प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले पर डीएफओ मनीष तिवारी ने स्वीकार किया कि घने जंगलों में गतिविधियां होने से नियंत्रण चुनौतीपूर्ण है, लेकिन एक विशेष टास्क फोर्स बनाकर जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी।













