पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बुधवार को बिहार की नई एनडीए सरकार ने शपथ ली, जिसमें जनता दल (यू) के नेता नीतीश कुमार ने रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर एक नया अध्याय लिख दिया। राज्यपाल मोहम्मद आरिफ खान ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में बीजेपी और जदयू के शीर्ष नेताओं के अलावा हज़ारों की संख्या में कार्यकर्ता और आम जनता मौजूद रहे। मंच पर लगातार ‘बिहार में फिर एक बार—नीतीश कुमार’ के नारे गूंजते रहे, जिससे पूरा परिसर उत्सवी माहौल में डूबा रहा।
नए मंत्रिमंडल में कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें बीजेपी के 14, जदयू के 8, और सहयोगी दलों के मंत्री शामिल हैं। इस कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का खास ध्यान रखा गया है। मंत्रियों में एक मुस्लिम, तीन महिलाएं, और तीन पहली बार विधायक बने नेता शामिल किए गए हैं। बीजेपी की ओर से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इनके साथ मंगल पांडेय, नितिन नवीन, संजय सिंह, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान समेत कई वरिष्ठ और युवा चेहरे भी मंत्री बने। जदयू की ओर से विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, लेसी सिंह, मो. जमा खान व अन्य नेताओं ने शपथ लेकर कैबिनेट को मजबूती दी।
इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए। समारोह की भव्यता और राजनीतिक महत्व को देखते हुए गांधी मैदान को विशेष रूप से सजाया गया था। चिराग पासवान की पार्टी से संजय कुमार पासवान और संजय सिंह ने शपथ ली, जबकि जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा खेमे से भी संतोष कुमार सुमन और दीपक प्रकाश मंत्रिमंडल में शामिल हुए। नए चेहरों और अनुभवी नेताओं के मिश्रण के साथ एनडीए सरकार ने बिहार के लिए स्थिरता, विकास और नए राजनीतिक संतुलन का संदेश दिया है।












