मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीतियों के तहत झारखंड ने एक बार फिर विकास की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा आयोजित बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान (BRAP) सर्वे में झारखंड को “टॉप अचीवर अवार्ड” से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल राज्य के औद्योगिक माहौल में हुए सकारात्मक बदलावों को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शिता और निवेश-प्रोत्साहन में झारखंड की उभरती भूमिका का प्रतीक भी है। उद्योग सचिव अरवा राजकमल, उद्योग निदेशक विशाल सागर और जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने यह अवार्ड प्राप्त करने के बाद मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात की और राज्य की इस उपलब्धि को साझा किया। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण है और राज्य की सामूहिक मेहनत का परिणाम है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड सरकार औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में “Ease of Doing Business” के तहत पारदर्शी नीतियों, तेज अनुमोदन प्रक्रियाओं और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार अब “Ease of Living” के लक्ष्य की ओर भी अग्रसर है, ताकि नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो सके। सरकार ने औद्योगिक क्लस्टर विकास, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और MSME सेक्टर को प्रोत्साहित करने के लिए कई नई पहलें शुरू की हैं। झारखंड की यह सफलता टीमवर्क, सुशासन और सतत नीति-नवाचार का परिणाम है, जिससे राज्य देश के सबसे निवेश-अनुकूल प्रदेशों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
डीपीआईआईटी द्वारा प्रदान किया गया “टॉप अचीवर अवार्ड” झारखंड की प्रशासनिक दक्षता और औद्योगिक दृष्टिकोण की पुष्टि करता है। राज्य ने बिजनेस एंट्री, कंस्ट्रक्शन परमिट, लेबर रेगुलेशन और सेवा क्षेत्र सुधारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। यह सम्मान झारखंड की उन पहलियों की मान्यता है, जिन्होंने उद्योग जगत को अधिक सहज, पारदर्शी और निवेशोन्मुख बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से न केवल झारखंड में देशी और विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। यह सफलता झारखंड की प्रतिबद्धता, टीम भावना और भविष्य-दृष्टि की प्रतीक है, जो राज्य को आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की राह पर आगे बढ़ा रही है।












