झारखंड के बोकारो जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया। बरमसिया ओपी थाना क्षेत्र के घाघरी गांव में ग्रामीणों ने धान चोरी और तौल में हेराफेरी के आरोप में एक धान खरीदार को बिजली के पोल से बांध दिया। जानकारी के अनुसार, आरोपी पश्चिम बंगाल से धान खरीदने आया था और किसानों से बड़ी मात्रा में धान लेकर माप-तौल में धोखाधड़ी कर रहा था। जैसे ही ग्रामीणों को शक हुआ, उन्होंने खरीदार को रोक लिया और उसके द्वारा तौले गए धान को दूसरी कांटा मशीन पर मापा — नतीजा देखकर सभी दंग रह गए। तौल में भारी अंतर सामने आया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते बाजार जैसा माहौल बन गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि आरोपी व्यक्ति को बिजली के खंभे से बांधकर ग्रामीणों ने घेर रखा है और मौके पर जोरदार हंगामा मचा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन में छेड़छाड़ कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह एक रिमोट कंट्रोल से मशीन के सेंसर को नियंत्रित करता था, जिससे तौल में अंतर आ जाता था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वह हर 100 किलो धान के बदले 120 किलो तक धान बोरियों में भर लेता था, लेकिन किसानों को मशीन पर घटा हुआ वजन दिखाता था। यह चालबाज़ी तब पकड़ी गई जब एक सतर्क किसान ने अपने धान की तौल एक दूसरे कांटे पर कराई और वास्तविक वजन सामने आने पर ग्रामीणों ने आरोपी को धर दबोचा।
मामले की जानकारी मिलते ही बरमसिया ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। ग्रामीणों ने खरीदार को तब तक नहीं छोड़ा जब तक उसने किसानों को उनका पूरा बकाया और सही कीमत नहीं चुका दी। पुलिस ने आरोपी को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, इस तरह के “तौल ठगी” के कई मामले पहले भी ग्रामीण इलाकों में सामने आ चुके हैं, लेकिन इस बार ग्रामीणों ने खुद न्याय की डोर अपने हाथ में ले ली। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि ऐसी घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी ताकि किसानों के साथ कोई धोखाधड़ी न हो।
यह घटना न सिर्फ एक अपराध का खुलासा करती है बल्कि किसानों की बढ़ती सतर्कता और एकजुटता का भी संकेत देती है। ग्रामीणों का कहना है कि “अब कोई भी बाहर से आने वाला खरीदार बिना जांच के तौल नहीं करेगा।” बोकारो की यह घटना पूरे झारखंड के किसानों के लिए चेतावनी और सबक दोनों है कि वे फसल बेचते समय तौल मशीन और खरीददार की हर गतिविधि पर नजर रखें। प्रशासन ने भी किसानों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी दिखे, तो तुरंत सूचना दें — ताकि इस तरह के तौल घोटाले करने वाले लोगों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।












