राज्य के पांच प्रमुख जिलों—रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग और पलामू—में आवास बोर्ड के करीब 5200 पुराने और जर्जर फ्लैटों को तोड़ा जाएगा। इन फ्लैटों की जगह अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त आठ मंजिला इमारतों का निर्माण किया जाएगा। आवास बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान ने बताया कि यह कदम सुरक्षा और बेहतर आवास व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई पुराने भवन अब रहने योग्य नहीं बचे हैं, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसीलिए पुराने ढांचों को ध्वस्त कर नए सिरे से निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। रांची में बरियातू, हरमू और अरगोड़ा स्थित भवनों के लिए नए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। वहीं, पुरानी विधानसभा के पास साढ़े पांच एकड़ जमीन पर भी नई साइट डेवलप करने की योजना है।
आवास बोर्ड ने साफ किया है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। बार-बार नोटिस देने के बावजूद जो लोग फ्लैट खाली नहीं कर रहे हैं, उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। नई डीपीआर में इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि कम जगह में अधिक परिवारों को आधुनिक और सुरक्षित तरीके से बसाया जा सके। संजय लाल पासवान ने बताया कि तीन मंजिला भवन के पुराने प्रस्ताव को रद्द कर अब आठ मंजिला भवन का डीपीआर तैयार किया जा रहा है, जिससे झारखंड के शहरी विकास में एक नया मॉडल तैयार होगा। छठ पूजा के बाद निर्माण कार्यों को गति दी जाएगी, ताकि वर्ष के अंत तक सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं।












