संताल लिबरेशन आर्मी के कुख्यात प्रमुख रोहित मुर्मू उर्फ एपिल मुर्मू को असम पुलिस ने कोकराझार जिले के सलाकाटी थाना क्षेत्र के नादंगुरी में मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। रोहित मुर्मू के खिलाफ साहिबगंज और गोड्डा जिलों के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक, वह अरुण साह की हत्या और रेलवे ट्रैक विस्फोट जैसी गंभीर घटनाओं में सीधे तौर पर शामिल था। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही झारखंड पुलिस ने भी राहत की सांस ली, क्योंकि मुर्मू लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी या मुठभेड़ की खबर का इंतजार किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि असम पुलिस को उसकी लोकेशन बरहेट थाना प्रभारी पवन कुमार की सहायता से मिली, जिन्होंने उसकी महिला मित्र के मोबाइल लोकेशन को ट्रेस कर सुराग दिया। इसके बाद असम पुलिस ने छापेमारी कर उसे ढेर कर दिया।
मूल रूप से असम के कोकराझार जिले के कचुगांव का निवासी रोहित मुर्मू पहले राष्ट्रीय संथाल मुक्ति सेना का सदस्य था। संगठन के विघटन के बाद उसने साहिबगंज में संताल लिबरेशन आर्मी का गठन किया और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देना शुरू किया। वर्ष 2020 में मोतीपहाड़ी निवासी अरुण साह की हत्या और 2024 में बरहेट क्षेत्र में रेलवे ट्रैक विस्फोट जैसी घटनाओं से उसने पुलिस प्रशासन को चुनौती दी थी। गिरफ्तार होने के बाद जमानत पर छूटने के पश्चात उसने दोबारा अपराध का रास्ता अपनाया। उसके खात्मे से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंक फैलाने वाले इस उग्रवादी संगठन की रीढ़ टूट गई है। पुलिस अब उसके सहयोगियों की तलाश में सघन अभियान चला रही है।












