बिहार विधानसभा चुनाव से पहले RJD नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी ने नीतीश कुमार सरकार को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि “जनता ने नीतीश कुमार को 20 साल दिए, अब हमें सिर्फ 20 महीने दीजिए, बिहार को नंबर वन बनाकर दिखाएंगे।” तेजस्वी ने अपनी संभावित सरकार के एजेंडे में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कई बड़े कदम उठाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों – मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य आदि – को अब तक जितना मानदेय मिलता है, उसे दोगुना किया जाएगा और सेवानिवृत्त प्रतिनिधियों के लिए पेंशन योजना लागू की जाएगी। इतना ही नहीं, सभी पंचायत प्रतिनिधियों को 50 लाख रुपये तक का बीमा कवर भी देने का वादा किया गया है।
तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य की मौजूदा व्यवस्था पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “पानी जब स्थिर रहता है तो सड़ जाता है, वही हाल इस सरकार का है।” उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार को ठहराव में धकेल दिया है और अब बदलाव का वक्त आ गया है। तेजस्वी ने न्यायिक स्तर पर ग्राम कचहरी की शक्तियों में बढ़ोतरी, परंपरागत पेशों से जुड़े लोहार, नाई, कुम्हार, बढ़ई जैसे समुदायों को ₹5 लाख तक ब्याज रहित लोन, और PDS डीलरों की आमदनी बढ़ाने जैसे वादे भी किए हैं। साथ ही, अनुकंपा नियुक्तियों के लिए 58 साल की उम्र सीमा खत्म करने की बात भी कही है। उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है और महागठबंधन की सरकार ही राज्य को नई दिशा दे सकती है।












