पटना से बड़ी खबर सामने आई है। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने साफ कहा है कि वे किसी भी कीमत पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में वापसी नहीं करेंगे। तेज प्रताप ने अपने बयान में कहा कि “मेरे लिए सिद्धांत और आत्मसम्मान सर्वोपरि है, मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं, और पार्टी में लौटने से बेहतर मौत को चुनूंगा।” कुछ महीने पहले लालू यादव ने तेज प्रताप को आरजेडी और परिवार से निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद उन्होंने अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल (JJD)’ का गठन किया। तेज प्रताप अब महुआ विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं—वही सीट जहां से उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से ही असली सत्ता मिलती है, न कि किसी घोषणा से। तेज प्रताप ने अपने भाई तेजस्वी यादव को ‘आशीर्वाद’ देते हुए भी कहा कि वह उनका छोटा भाई है और उस पर सुदर्शन चक्र नहीं चला सकते।
तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी और जनता के प्रति अपनी निष्ठा पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि “महुआ की जनता मेरा परिवार है, और मैं हमेशा उनके बीच रहा हूं।” उन्होंने आरजेडी के मौजूदा विधायक मुकेश रौशन पर निशाना साधते हुए कहा कि वे किसी बड़ी चुनौती नहीं हैं। तेज प्रताप ने नामांकन के समय अपनी दिवंगत दादी मरिचिया देवी की तस्वीर साथ रखी और कहा कि “उन्हीं के आशीर्वाद से मेरे पिता राजनीति में आगे बढ़े थे।” जब उनसे माता-पिता के आशीर्वाद को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि “भले ही बात नहीं हुई, लेकिन मैं जानता हूं कि उनका आशीर्वाद मेरे साथ है।” तेज प्रताप ने भाजपा और आरएसएस पर भी करारा हमला करते हुए कहा कि “अब जनता उनकी नापाक साजिशों में नहीं फंसने वाली।” उन्होंने अपनी पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘ब्लैकबोर्ड’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जनता को सच्चाई सिखाने का प्रतीक है। वहीं, जन सुराज के प्रशांत किशोर पर उन्होंने तंज कसा कि “वे मूल रूप से व्यापारी हैं, जो अब भी संसाधन जुटाकर राजनीतिक मार्केटिंग कर रहे हैं।”












