धनतेरस और दीपावली से ठीक पहले रांची का सर्राफा बाजार अचानक से गुलजार हो उठा है। जहां पहले ग्राहक केवल पूछताछ कर रहे थे, अब वही लोग खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ लगाए नजर आ रहे हैं। रांची ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 22 कैरेट प्रति 10 ग्राम सोना अब 1,19,600 रुपये और 24 कैरेट सोना 1,25,580 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत 2,07,000 रुपये प्रति किलो के आंकड़े को छू चुकी है। इस तेज उछाल ने न केवल ग्राहकों को हैरान किया है बल्कि निवेशकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह सही समय है निवेश करने का या फिर आने वाले दिनों में कीमतें और ऊंचाई छू सकती हैं।
पिछले 24 घंटों के भीतर ही सोने और चांदी दोनों के दामों में स्थिर लेकिन प्रभावशाली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बुधवार को चांदी 2,06,000 रुपये प्रति किलो थी, जो गुरुवार को बढ़कर 2,07,000 रुपये हो गई। इसी तरह, 22 कैरेट सोने में 200 रुपये और 24 कैरेट में 210 रुपये की तेजी देखी गई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की कमजोरी और सोने की बढ़ती मांग के कारण भारतीय बाजार में इसका सीधा असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि धनतेरस से पहले सोने के दामों में और 1-2% की बढ़ोतरी संभव है, जिससे आम खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
झारखंड के अन्य शहरों में भी यही स्थिति बनी हुई है। बोकारो, जमशेदपुर और देवघर जैसे शहरों में सोने-चांदी की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। बोकारो में 22 कैरेट सोना 1,18,400 रुपये और 24 कैरेट 1,24,590 रुपये प्रति 10 ग्राम मिल रहा है, जबकि जमशेदपुर में यही कीमत क्रमशः 1,18,150 रुपये और 1,28,980 रुपये तक पहुंच चुकी है। देवघर में भी दाम 1,16,628 से लेकर 1,27,230 रुपये प्रति 10 ग्राम तक दर्ज किए गए हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता बनी रही, तो दीपावली तक सोना अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है।
इस बीच, ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि त्योहारों के मौसम में बाजार में नकली और कम शुद्धता वाले गहनों की भरमार हो जाती है। ऐसे में खरीदारी के समय BIS हॉलमार्क पर विशेष ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि यही सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी होती है। ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल विश्वसनीय ज्वेलर्स से ही खरीदारी करें और बिल अवश्य लें। त्योहारों की चमक में कहीं धोखाधड़ी का साया न पड़ जाए — यही इस मौसम की सबसे बड़ी सावधानी है।












