दुबई के इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज रात एक ऐसा दृश्य देखने को मिलेगा, जैसे बॉलीवुड की मसाला मूवी चल रही हो—हीरो, विलेन और पब्लिक का सीटी-ताली वाला ड्रामा। फर्क बस इतना है कि हीरो का नाम है टीम इंडिया, और विलेन की भूमिका में है यूएई की टीम, जिनकी सबसे बड़ी जीत यही मानी जाएगी कि वो हारने के बाद भी “ओह, हमने इंडिया को थोड़ा रोक लिया था” वाली हेडलाइन अखबार में छपवा पाएं। भारत के लिए यह मैच इतना आसान बताया जा रहा है कि अगर हार्दिक पंड्या, सूर्यकुमार यादव और जसप्रीत बुमराह चाहें तो अर्ध-नींद में भी खेलकर जीत पक्की कर दें। लेकिन हां, अगर किसी चमत्कार से यूएई टीम ने दो-चार बाउंड्री मार दीं, तो भारतीय दर्शकों को भी थोड़ी देर के लिए “हाय राम! कहीं उलटफेर न हो जाए” वाली टीआरपी मिल जाएगी।
अब जरा बात कर लेते हैं उन तीन सुपरस्टार्स की, जो आज ‘यूएई धुलाई सेंटर’ खोलने वाले हैं। सबसे पहले आते हैं अभिषेक शर्मा, जिनकी बैटिंग देखकर गेंदबाजों का हाल वैसा हो जाता है जैसा बच्चों के गुब्बारे पर कैंची चल जाए—सब खत्म। 200 का स्ट्राइक रेट सुनकर यूएई के बॉलर सोच रहे होंगे, “भाई, ये इंसान है या टी20 वर्ज़न का रॉकेट?”। वहीं शुभमन गिल, जो वैसे तो इंग्लैंड में किंग कोहली मोड में चल रहे थे, अब रेगिस्तान की गर्मी में भी ठंडी-ठंडी चौके-छक्के बरसाने का मूड बनाए बैठे हैं। और फिर आते हैं जसप्रीत बुमराह—भाई साहब की गेंदबाजी तो ऐसी है कि बल्लेबाज शॉट खेलने से पहले ही गूगल मैप पर आउट का रास्ता देख लेते हैं। अब देखना ये है कि आज यूएई के बल्लेबाज बुमराह की यॉर्कर से गेंद खेलेंगे या अपनी हिम्मत।
वैसे रिकॉर्ड कहते हैं कि यूएई ने दुबई में न्यूजीलैंड जैसी टीम को हरा दिया था। लेकिन अब सवाल यह है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलना और इंडिया के खिलाफ खेलने में उतना ही फर्क है जितना फिल्म में एक्स्ट्रा डांसर बनने और हीरो बनने में होता है। वसीम और आसिफ जैसे बल्लेबाज भारत को चुनौती देने का सपना देख सकते हैं, लेकिन सपना देखना मुफ्त होता है। हकीकत में तो भारतीय फैंस सिर्फ इतना सोच रहे हैं कि आज रात डिनर मैच खत्म होने के बाद करेंगे या पहले, क्योंकि जीत तो “थाली में परोसी हुई” दिख रही है।












