भारतीय राजनीति में मुद्दे तो खैर बहुत हैं, लेकिन कब किसे छोड़कर कौन-सा नया मनोरंजन सामने आ जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। अब देखिए, उपराष्ट्रपति चुनाव जैसे गंभीर मौके पर भी हंसी-मज़ाक का तड़का लग गया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर और शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी का वीडियो सामने आया जिसमें दोनों हंसते-ठिठोली करते नज़र आए। लेकिन असली मज़ा तो प्रियंका के कैप्शन में था — “शशि थरूर… और साड़ी में शशि थरूर।” अब जनता भी सोच में पड़ गई कि राजनीति में बहस और भाषण कम हो गए हैं और ‘फैशन शो’ ज़्यादा होने लगे हैं।
प्रियंका का यह कैप्शन कोई अचानक की हुई गलती नहीं बल्कि पुरानी यादों की ताज़गी थी। दरअसल, उन्होंने कुछ समय पहले इंटरव्यू में सुना था कि लोग उन्हें “शशि थरूर इन ए साड़ी” कहते हैं। अब यह तारीफ थी या तुलना, यह तो वही जाने, लेकिन सोशल मीडिया पर यह लाइन किसी बॉलीवुड डायलॉग से कम नहीं लग रही। जनता के लिए ये नजारा ऐसा है मानो संसद भवन के अंदर “कॉफी विद करण” का स्पेशल एपिसोड शूट हो रहा हो। सवाल वही — उपराष्ट्रपति चुना कौन जा रहा है? जवाब किसी को याद नहीं, लेकिन “साड़ी में शशि थरूर” सबको याद रह जाएगा।
वैसे राजनीति में अगर यह ट्रेंड चल पड़ा, तो भविष्य में वोटिंग से ज़्यादा चर्चा सांसदों के आउटफिट्स और मज़ेदार कैप्शनों की होगी। कल्पना कीजिए, अगली बार अगर कोई सांसद रैंप वॉक स्टाइल में संसद में एंट्री करे और कैप्शन में लिखे “लोकतंत्र… लेकिन फ़ैशन के साथ।” वैसे भी जनता को असली मुद्दों से ज़्यादा ऐसे मनोरंजन पसंद आते हैं। अब तो लगता है कि आने वाले चुनावों में घोषणापत्र की जगह “ड्रेस कोड” और “कैप्शन वॉर” ही चलेगा। राजनीति के महाखेल में यह नया अध्याय है — ‘लोकतंत्र का फैशन वीक।’












