शेयर बाजार में शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। जीएसटी 2.0 की घोषणा के बाद बाजार की शुरुआत तेजी से हुई और सेंसेक्स लगभग 300 अंकों की बढ़त के साथ ऊपर गया। लेकिन यह मजबूती ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई और दिन के अंत तक सेंसेक्स 135 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी 50 भी दबाव में आकर 24,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से शुरुआती बढ़त ढह गई।
नई जीएसटी दरों के ऐलान ने आम उपभोक्ताओं के लिए राहत जरूर दी है। अब रोटी, पराठा, बालों का तेल, आइसक्रीम और टीवी जैसे रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे। वहीं जीवन बीमा और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर कर नहीं लगेगा। सरकार ने जीएसटी को सरल बनाने के लिए केवल दो स्लैब—5% और 18%— लागू किए हैं, जो 22 सितंबर से प्रभावी होंगे। बाजार की शुरुआत में इन सकारात्मक खबरों का असर साफ नजर आया। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सबसे ज्यादा 5.96% की बढ़त दर्ज हुई, जबकि बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, आईटीसी और एचडीएफसी बैंक के शेयर भी हरे निशान पर रहे।
लेकिन दूसरी ओर कई दिग्गज कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे। मारुति सुजुकी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एचसीएल टेक, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर नुकसान में बंद हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों ने शुरुआत में जीएसटी सुधारों को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया, लेकिन कारोबार के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली ने पूरे बाजार का रुख पलट दिया। यानी राहत भरी खबरों के बावजूद बाजार मजबूती बरकरार नहीं रख सका।












