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सुत्तूर मठ समारोह में बोले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह – “किसान प्राण हैं, अन्नदाता हैं, जीवनदाता हैं”

कर्नाटक के मैसूर स्थित श्री सुत्तूर मठ में जगद्गुरु डॉ. शिवरात्रि राजेंद्र महास्वामी जी की 110वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राजनीति अक्सर समाज को बांटती है, लेकिन धर्म जोड़ने का काम करता है और पीड़ित मानवता की सेवा ही असली पूजा है। उन्होंने संत-महात्माओं की सेवा भावना और मठ द्वारा शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, राजनीतिक हस्तियां और भक्तगण मौजूद रहे।

अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने किसानों को देश की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि “किसान प्राण हैं, अन्नदाता हैं और जीवनदाता हैं। किसानों की सेवा ही मेरे लिए सच्ची आराधना है।” श्री चौहान ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि को लाभकारी बनाने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। उनकी प्राथमिकता है कि किसानों को लागत घटाने, उत्पादन बढ़ाने और उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ फसल क्षति की स्थिति में मुआवजा भी मिले। उन्होंने कृषि विविधीकरण और एकीकृत कृषि पद्धति पर बल देते हुए कहा कि छोटे जोत वाले किसानों के लिए यह बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय हालात और राष्ट्रहित पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब कुछ देश अधिनायकवादी रवैया अपनाते हुए दुनिया के लिए संकट खड़ा कर रहे हैं, तब भारत ही वह भूमि है जो विश्व मानवता को शाश्वत शांति का मार्ग दिखा सकती है। श्री चौहान ने देशवासियों से आह्वान किया कि वे “स्वदेशी अपनाएं” और दैनिक जीवन में उन्हीं वस्तुओं का उपयोग करें जो हमारे देश में बनी हों। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर स्वदेशी को अपनाने से भारत आत्मनिर्भरता और मजबूत अर्थव्यवस्था की ओर एक नया इतिहास रचेगा।

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