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गिरिडीह में “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत हुआ प्रशिक्षण कार्यक्रम, जनजातीय उत्थान पर दिया गया जोर

गिरिडीह, 29 अगस्त 2025: जिला उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देशन में डीपीआरसी भवन में चल रहे तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज दूसरा दिन संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम “आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय एवं अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है। उपायुक्त ने प्रशिक्षण का जायजा लेते हुए कहा कि जब शासन की योजनाएं समयबद्ध रूप से सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचेगी और पात्र लाभुकों तक सही तरीके से पहुंचेगी, तभी इस अभियान की वास्तविक सफलता सिद्ध होगी।

उपायुक्त यादव ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान के तहत जनजातीय समुदाय के वंचित वर्ग को योजनाओं का लाभ दिलाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण में बताई जा रही बातों को गंभीरता से आत्मसात करें और आगे ब्लॉक स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करें। अभियान का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव और जनजातीय समुदाय के समग्र विकास की दिशा में ठोस कदम उठाना भी है।

उप विकास आयुक्त, स्मृता कुमारी ने इस अवसर पर कहा कि गिरिडीह जिले के 09 प्रखंडों के 143 जनजातीय बहुल गांवों में “आदि कर्मयोगी अभियान” शुरू किया गया है। इस अभियान से न केवल जनजातीय समुदाय को अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने का अवसर मिलेगा, बल्कि उनकी सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए विकास की एक स्थायी राह भी तय होगी। मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर “आदि साथी” और “आदि सहयोगी” को प्रशिक्षित करेंगे, ताकि सरकारी योजनाओं का कोई भी पात्र लाभुक वंचित न रहे।

 

इस मौके पर 50 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया। साथ ही जिला उपायुक्त ने सभी प्रतिभागियों को शपथ दिलाई कि वे समर्पण, निष्ठा और सामुदायिक सहभागिता के साथ इस अभियान को सफल बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हर प्रशिक्षु अपने अनुभव और तकनीकी ज्ञान का उपयोग जनजातीय गांवों के सतत और सर्वांगीण विकास के लिए करेगा। इस प्रतिज्ञा के साथ आज का प्रशिक्षण दिवस समाप्त हुआ, जिससे साफ है कि गिरिडीह जिले का यह अभियान ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

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