धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में गुरुवार देर रात बड़ा बवाल हो गया। आपातकालीन विभाग में इलाज को लेकर मरीज के परिजनों और डॉक्टरों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। आरोप है कि परिजनों ने जूनियर डॉक्टरों के साथ जमकर हाथापाई की, जिसमें करीब आधा दर्जन चिकित्सक गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस घटना के बाद नाराज डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर तुरंत हड़ताल शुरू कर दी और इमरजेंसी विभाग के सामने धरना पर बैठ गए। जूनियर और इंटर्न डॉक्टरों ने साफ कहा है कि जब तक उन्हें सुरक्षा की गारंटी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के कारण इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन का समर्थन किया है। उनका कहना है कि अस्पताल में लगातार सुरक्षा संबंधी लापरवाही सामने आ रही है और प्रशासन गंभीर कदम नहीं उठा रहा है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर दोषियों को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया गया और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई, तो हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है।
जानकारी के मुताबिक, मरीज के परिजन इस बात को लेकर नाराज थे कि समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके बाद गुस्से में उन्होंने आपातकालीन विभाग में तोड़फोड़ और मारपीट की। फिलहाल, अस्पताल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रहे हैं। वहीं, डॉक्टरों का कहना है कि जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।












