हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश ने फिर से तबाही मचा दी है। हिमाचल के चंबा जिले के भरमौर में मणिमहेश यात्रा के दौरान लैंडस्लाइड की चपेट में आने से 11 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में 3 पंजाब, 1 उत्तर प्रदेश और 5 चंबा के रहने वाले हैं, जबकि दो की पहचान अभी नहीं हो पाई है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा पहाड़ से पत्थर गिरने और ऑक्सीजन की कमी के कारण हुआ। फिलहाल करीब 3 हजार श्रद्धालु भरमौर में फंसे हैं और उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
यह पहला मौका नहीं है जब इस यात्रा में ऐसी त्रासदी हुई हो। पिछले ही सप्ताह लैंडस्लाइड में 7 श्रद्धालुओं की जान गई थी और 9 लोग लापता हो गए थे। इस बार फिर से हुई इस बड़ी दुर्घटना ने मणिमहेश यात्रा की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा करें और सतर्क रहें।
दूसरी ओर, उत्तराखंड में गुरुवार रात रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और टिहरी गढ़वाल जिलों में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। यहां 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, लैंडस्लाइड और मलबे की चपेट में लगभग 30 से 40 परिवार आ गए हैं। कई घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। बागेश्वर जिले के पौसारी में रात भर हुई बारिश से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि रुद्रप्रयाग के जखोली में एक महिला की मौत मकान ढहने से हुई।
रुद्रप्रयाग में मलबे में दबे 70 से ज्यादा लोगों को अब तक निकाला जा चुका है, लेकिन कई अन्य अब भी फंसे होने की आशंका है। चमोली में भी कई परिवार मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं। अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है और रिहायशी इलाकों में पानी घुस चुका है। हालात से निपटने के लिए NDRF, SDRF, DDRF और पुलिस की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। उत्तराखंड और हिमाचल दोनों ही राज्यों में प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है।












