बोड़ो में सामाजिक जागरूकता मंच के बैनर तले अंजुमन कमिटी के संरक्षण में आयोजित इमाम, सदर, सचिव और बुद्धिजीवियों के सम्मेलन में अहम निर्णय लिए गए। बैठक में आम सहमति से तय हुआ कि अब डीजे वाली बारात में कोई आलिम निकाह नहीं पढ़ाएगा। साथ ही दहेज और नशा पर सख्त पाबंदी लगाने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन में डॉ. रेयाज अहमद ने कहा कि दहेज समाज में कोढ़ बन चुका है,

जिससे बेटियों के पिता परेशान हैं, वहीं नशा युवाओं और परिवारों को बर्बाद कर रहा है। मौलाना आसिफ इकबाल ने अध्यक्षता करते हुए सभी इमामों से शपथ दिलाई कि वे डीजे, दहेज और नशा के खिलाफ अंजुमन कमिटी को मजबूत करेंगे। इस्तितक अहमद लालो ने युवाओं में तालीम को आम करने की जरूरत बताई।

सब्बीर आलम मुखिया ने कहा कि आलिमों का फैसला घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। मौके पर सामाजिक जागरूकता मंच के अध्यक्ष इमरान आलम, सचिव मो. तारिक, डॉ. जहांगीर, नूर अहमद, मौलाना रऊफ रौनक सहित कई गणमान्य मौजूद थे। कार्यक्रम में सैकड़ों अंजुमन प्रतिनिधि शामिल हुए।












