गिरिडीह जिले के गांडेय विधानसभा क्षेत्र के तेलोडीह गांव में टूटी-फूटी सड़कों ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने खराब हैं कि रोज़ाना राहगीर गिरकर घायल हो रहे हैं, बच्चों के हाथ-पैर टूटना आम हो गया है। छात्र-छात्राएं साइकिल से इसी रास्ते से स्कूल जाने को मजबूर हैं और बारिश के मौसम में उनकी किताबें तक भीग जाती हैं।

यह वही विधानसभा है, जहां से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन चुनी गई हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक सड़क मरम्मत पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे खुद अपने खर्च और श्रम से सड़क की मरम्मत करने की कोशिश करते हैं, ताकि राहगीरों को थोड़ी राहत मिल सके।

मौके पर पहुंचे गिरिडीह जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष भगीरथ मंडल ने उपायुक्त और विधायक से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने की अपील की। वहीं, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मती नहीं हुई, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करने को मजबूर होंगे। खराब सड़क और प्रशासन की चुप्पी से तेलोडीह के लोगों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।












