जमशेदपुर स्थित सीएसआईआर-नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी (एनएमएल) ने फेनोम इंडिया-सीएसआईआर हेल्थ कोहोर्ट नॉलेजबेस (PI-CHeCK) के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। यह पहल भारतीय जनसंख्या के लिए प्रेसिजन मेडिसिन और व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस अवसर पर 23 से 28 अगस्त 2025 तक एक बहुदिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें एनएमएल के 250 से अधिक कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनके जीवनसाथी शामिल हुए।

उद्घाटन समारोह का आयोजन सीएसआईआर-एनएमएल के अगरिको आवासीय परिसर में हुआ। इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधुरी ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने PI-CHeCK की परिवर्तनकारी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पहल भारत में बढ़ती कार्डियो-मेटाबॉलिक बीमारियों जैसे मधुमेह, मोटापा और फैटी लिवर रोग की रोकथाम और उपचार में एक बड़ा योगदान देगी। उन्होंने इसे भारत-विशिष्ट जोखिम पूर्वानुमान मॉडल तैयार करने और व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
इस परियोजना की सह-समन्वयक और वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. अंशु जे कैलाथ ने PI-CHeCK कार्यक्रम के अगले चरण की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह परियोजना भारतीय जनसंख्या की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को समझने और समाधान निकालने के लिए वैज्ञानिक रूप से मजबूत आधार तैयार करेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल को सफल बनाने में टीम के अन्य सदस्य डॉ. प्रियांका सिंह, डॉ. नवनीत सिंह रंधावा, के. सुधाकर राव, रोशन कुमार, डॉ. कुलदीप सिंह गौर, डॉ. निखिल कुमार और डॉ. कृष्ण कुमार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के समापन पर सीएसआईआर-एनएमएल नेतृत्व ने समाज और विज्ञान के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। संस्थान ने स्पष्ट किया कि इस तरह की परियोजनाएं न केवल वैज्ञानिक शोध को नई दिशा देंगी बल्कि आम नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार भी सुनिश्चित करेंगी। PI-CHeCK का यह दूसरा चरण स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता और वैज्ञानिक प्रगति का प्रतीक माना जा रहा है।












