उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज सोमवार को जोरदार हंगामे के साथ हुआ। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हाल ही में गोरखपुर दौरे के दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। पांडेय ने बताया कि वह जटाशंकर चौराहा और घंटाघर क्षेत्र में वरासत गलियारे के मुद्दे पर जनता से मिलने पहुंचे थे, तभी उनके रास्ते में बुलडोज़र खड़ा कर नारेबाजी की गई। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि वह अपने नेता विधान परिषद के साथ कार्यक्रम स्थल की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस का व्यवहार संदिग्ध हो गया। पहले पुलिस की गाड़ी उनके काफिले के आगे थी, लेकिन अचानक पीछे कर दी गई। आरोप है कि इस दौरान उन्हें गाड़ी से बाहर खींचने की भी कोशिश की गई। यह घटनाक्रम न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाता है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी गहरी चोट करता है।
सदन के भीतर इस मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा हुआ, विपक्षी विधायकों ने सरकार पर संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने में विफल रहने का आरोप लगाया। जोरदार नारेबाजी और बहस के बीच विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने स्थिति को देखते हुए कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मामले में जांच के आदेश देती है या यह मुद्दा भी राजनीति के शोर-शराबे में दबकर रह जाएगा।












