बॉलीवुड की ‘खल्लास गर्ल’ ईशा कोप्पिकर ने हाल ही में अपने संघर्ष के दिनों की एक बेहद कड़वी याद साझा की है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने साउथ फिल्मों में अपने करियर की शुरुआत की थी, तो एक कोरियोग्राफर ने उन्हें सबके सामने बुरी तरह बेइज्जत कर दिया था। कारण था – उन्हें डांस नहीं आता था। ईशा बताती हैं कि उनकी तेलुगु डेब्यू फिल्म के सेट पर एक गाने की शूटिंग चल रही थी, जहां कोरियोग्राफर ने उनके बारे में तंज कसते हुए कहा – “ये लड़कियां बॉलीवुड से आती हैं, इन्हें कुछ नहीं आता। पता नहीं क्यों इन्हें फिल्म में लिया जाता है!” यह सुनकर ईशा को बहुत अपमान महसूस हुआ।
ईशा ने बताया कि वह सेट छोड़कर मेकअप वैन में चली गईं और खूब रोईं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि उस अपमान को चुनौती में बदल दिया। उन्होंने खुद से वादा किया कि अगली बार जब वह साउथ फिल्म इंडस्ट्री में लौटेंगी, तो अपने डांस से सबका दिल जीत लेंगी। ईशा ने फौरन सरोज खान की असिस्टेंट ऊषा जी से संपर्क किया और कहा – “मुझे डांस सीखना है, सरोज जी के हर गाने पर।” इसके बाद ऊषा जी रोज उनके घर आकर उन्हें डांस सिखाने लगीं।
आज जब ईशा कोप्पिकर ये अनुभव साझा करती हैं, तो यह सिर्फ एक संघर्ष की कहानी नहीं, बल्कि हिम्मत और आत्मविश्वास से भरी एक प्रेरणा बन जाती है। उनकी कहानी हमें बताती है कि कैसे आलोचना को आत्म-सुधार का ज़रिया बनाकर सफलता की राह पर बढ़ा जा सकता है।












