व्हाट्सऐप ने अपने करोड़ों यूज़र्स को राहत देने के लिए अब तक का सबसे ज़बरदस्त सेफ्टी फीचर लॉन्च किया है। खासतौर पर फर्जी अकाउंट्स और स्कैमर्स से बचाने के लिए नया सिस्टम बनाया गया है, जिसमें यूज़र्स को तुरंत अलर्ट मिलेगा कि उन्हें किसी ग्रुप में किसने जोड़ा, क्या वो व्यक्ति कॉन्टैक्ट में है या नहीं, और ग्रुप के बाकी मेंबर्स आपके फोनबुक में मौजूद हैं या नहीं। जब तक यूज़र खुद ग्रुप में शामिल होने का निर्णय नहीं लेता, तब तक ग्रुप की सभी नोटिफिकेशन म्यूट रहेंगी, जिससे फिशिंग और स्पैम अटैक से बड़ी राहत मिलेगी।
नए सेफ्टी फीचर सिर्फ ग्रुप्स तक सीमित नहीं हैं। पर्सनल चैट्स में भी जब कोई अनजान व्यक्ति बातचीत शुरू करेगा — जो आपके कॉन्टैक्ट में नहीं है — तो WhatsApp तुरंत एक पॉप-अप अलर्ट दिखाएगा। यह अलर्ट उस यूज़र के बारे में शुरुआती जानकारी देगा, ताकि कोई भी स्कैम का शिकार न बने। कंपनी ने बताया है कि यह फीचर खास उन मामलों के लिए है, जहां स्कैमर सोशल मीडिया से यूज़र्स को WhatsApp पर लाकर उन्हें जाल में फंसाते हैं।
WhatsApp ने यह भी दावा किया है कि उसने हाल ही में 6.8 मिलियन यानी 68 लाख से अधिक फर्जी और स्कैम से जुड़े अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया है। यह कदम बताता है कि कंपनी यूज़र प्राइवेसी और डिजिटल सुरक्षा को लेकर पहले से कहीं ज्यादा गंभीर है। एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन और यूज़र की निजता बनी रहेगी, लेकिन साथ ही अब हर चालाक स्कैमर की हरकतों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी।












