सिनेमा के रंगीन पर्दे पर ‘धड़क 2’ ने इमोशन्स और इंटेंस ड्रामा का तड़का ज़रूर लगाया, लेकिन हकीकत ये है कि दर्शकों के दिल में इसकी कोई खास जगह नहीं बन पाई। सिद्धांत चतुर्वेदी और तृप्ति डिमरी जैसे टैलेंटेड कलाकारों की मौजूदगी और दमदार परफॉर्मेंस के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह लड़खड़ा गई है। छठे दिन का कलेक्शन मात्र 1 करोड़ रुपये रहा, और कुल कमाई सिर्फ 15.4 करोड़ पर ही अटक गई। दर्शकों और समीक्षकों की सराहना के बावजूद, ज़मीन पर टिकट खिड़की की हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है।
फिल्म निर्माताओं ने इसे संभालने के लिए मंगलवार को महज ₹99 में टिकट का ऑफर भी पेश किया, लेकिन ये दांव भी विफल रहा। सोशल मीडिया पर प्रचार का शोर मचाया गया – “प्यार की जंग देखिए सिर्फ ₹99 में”, मगर सिनेमा हॉल खाली ही नजर आए। इसकी एक बड़ी वजह ‘धड़क 2’ का उसी दिन रिलीज़ होना है, जिस दिन अजय देवगन की ‘सन ऑफ सरदार 2’ भी पर्दे पर उतरी – एक हल्की-फुल्की कॉमेडी जो दर्शकों को ज़्यादा रास आई। नतीजा ये हुआ कि ‘धड़क 2’ की उम्मीदें महज़ प्रमोशन तक सिमट कर रह गईं।
इतना ही नहीं, पहले से बॉक्स ऑफिस पर राज कर रही ‘सैय्यारा’ जैसी मेगाहिट फिल्मों ने ‘धड़क 2’ के लिए हालात और मुश्किल बना दिए। जहां सैय्यारा ने तीसरे हफ्ते में भी 300 करोड़ पार कर लिया, वहीं ‘सन ऑफ सरदार 2’ ने 6 दिन में 31 करोड़ की कमाई कर ली। इस मुकाबले में ‘धड़क 2’ कहीं टिक ही नहीं पाई। फिल्म फ्लॉप घोषित हो चुकी है और एक बार फिर ये सवाल खड़ा होता है — क्या स्टार पावर और दमदार कहानी के बिना सिर्फ सोशल मीडिया मार्केटिंग से कोई फिल्म हिट हो सकती है?












