गिरिडीह के अस्पताल में हाल ही में हुए हंगामे के बीच डॉक्टरों ने साफ किया है कि हंगामा और बेहतर इलाज साथ नहीं चल सकते। डॉक्टरों ने कहा कि वे मरीजों के हित में काम कर रहे हैं और कभी-कभी गंभीर मामलों में बेहतर सुविधाओं वाले अस्पताल में रेफर करना जरूरी होता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इलाज के दौरान शोर-शराबा न करें, क्योंकि इससे न सिर्फ डॉक्टर्स का मनोबल गिरता है, बल्कि अन्य मरीजों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।
डॉक्टरों ने पुलिस विभाग, खासकर DSP कौशर का धन्यवाद किया, जिन्होंने स्थिति को संभाला। उन्होंने मीडिया से भी जिम्मेदारी निभाने और जनता को सही दिशा देने की अपील की है। गिरिडीह के ये डॉक्टर समाज के हित में मिलकर काम करना चाहते हैं और उम्मीद जताई है कि सभी मिलकर स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे। इस दौरान अस्पताल में डॉ. रियाज अहमद, डॉ. एमडी आज़ाद, डॉ. विनय गुप्ता, डॉ. रितेश सिन्हा, डॉ. उत्तम जलान और डॉ. विकास लाल मौजूद थे, जिन्होंने मरीजों के हित में काम किया।












