गिरिडीह का लाखों रुपये की लागत से बना स्टेडियम आज जर्जर हालात में पहुंच गया है। मैदान में उगी झाड़ियाँ, चारों ओर फैला कीचड़ और देखरेख के अभाव ने इसे पूरी तरह अनुपयोगी बना दिया है। शहर के सामाजिक कार्यकर्ता और सूचना अधिकार एक्टिविस्ट सुनील खंडेलवाल ने इस दुर्दशा को लेकर गहरी चिंता जताते हुए झारखंड सरकार को पत्र लिखा है और स्टेडियम के शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग की है।

खंडेलवाल का पत्र झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के संयुक्त सचिव मोहम्मद आसिफ हसन को भेजा गया है। खंडेलवाल ने भरोसा जताया है कि सरकार जनहित को प्राथमिकता देते हुए जल्द संज्ञान लेगी और गिरिडीह के इस खेल परिसर को दोबारा जीवन देगी। यह सिर्फ एक स्टेडियम नहीं, बल्कि जिले की युवा शक्ति और खेल भावना का केंद्र है, जिसे पुनर्जीवित करना समय की मांग है।












