बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया है कि जनता दल यूनाइटेड (JDU) के करीब दो दर्जन विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। उनका कहना है कि एसआईआर (वोटर सूची पुनरीक्षण) को लेकर जेडीयू के विधायकों में भारी नाराजगी है। हर विधानसभा क्षेत्र में 25-30 हज़ार वोट काटे जाने से विधायकों के सामने हार का डर मंडरा रहा है। तिवारी ने आरोप लगाया कि गरीब, शोषित और वंचित तबकों के वोट को जानबूझकर सूची से हटाया गया है, और जेडीयू के विधायक ये अन्याय देखकर चुप नहीं बैठेंगे।
आरजेडी प्रवक्ता का दावा है कि जेडीयू में अंदर ही अंदर भारी उथल-पुथल मची हुई है और कई विधायक जल्द ही महागठबंधन का रुख कर सकते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो वह 65 लाख हटाए गए मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करे और यह भी बताए कि उनके नाम क्यों काटे गए। उन्होंने आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का भी आरोप लगाया। मृत्युंजय तिवारी का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खामोशी में सच्चाई छुपा रहे हैं, क्योंकि उन्हें अपने ही विधायकों के आक्रोश का अंदाज़ा है।
जवाब में जेडीयू ने आरजेडी के दावों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने पलटवार करते हुए कहा कि पहले आरजेडी अपने घर को संभाले, क्योंकि खुद उनकी पार्टी में कौन नेता कब पाला बदल ले, कहना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में सुधार का काम पूरी पारदर्शिता से हुआ है और आरजेडी बौखलाहट में ऐसे झूठे दावे कर रही है। रंजन ने यह भी तंज कसा कि तेजस्वी यादव को यह भी नहीं पता कि उनका नाम वोटर लिस्ट में है या नहीं, लेकिन दावे करने में सबसे आगे हैं।












