झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन के बाद सरकार ने राज्यभर में तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा की, लेकिन गिरिडीह का एक नामी निजी विद्यालय इस फैसले की धज्जियाँ उड़ाता नज़र आया। जहां सभी सरकारी व निजी स्कूल बंद थे, वहीं यह स्कूल खुला रहा। छात्रों और परिजनों का कहना है कि पहले छुट्टी की सूचना दी गई, लेकिन बाद में अचानक दूसरा नोटिस जारी कर स्कूल बुला लिया गया।
विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ने इसे स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों से जोड़ने की कोशिश की, पर छात्र और गार्जियन साफ़ तौर पर कह रहे हैं कि पूरी तरह से सामान्य पढ़ाई कराई गई। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या इस स्कूल ने राज्य सरकार के आदेशों की अवहेलना कर, संवेदनशील मौके पर भी अपनी ‘ब्रांड इमेज’ को प्राथमिकता दी? क्या इस पर प्रशासन कोई कार्रवाई करेगा?












