सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा में गुरुवार को गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य आनंद कमल द्वारा तुलसीदास जी के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से हुई। बच्चों ने तुलसीदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए रामचरितमानस की चौपाइयों की सुंदर प्रस्तुति दी। प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि तुलसीदास जयंती केवल एक संत की जयंती नहीं, बल्कि यह भारतीय भक्ति साहित्य की गौरवशाली परंपरा का उत्सव है।

उन्होंने बताया कि तुलसीदास जी की रचनाएं भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य करती हैं और आज भी धर्म, नैतिकता और भक्ति के अमूल्य स्त्रोत बनी हुई हैं। विद्या भारती की योजना के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिसमें कक्षा द्वितीय-तृतीय के लिए सुलेख, चतुर्थ-पंचम के लिए चित्रकला, तथा षष्ठ से दशम तक के विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता शामिल रही। इस आयोजन में समस्त आचार्य दीदीगण की गरिमामयी उपस्थिति रही।













