गिरिडीह के सदर अस्पताल और जिले के 13 प्रखंडों में कार्यरत करीब 700 आउटसोर्सिंग स्वास्थ्यकर्मी भारी बारिश में भी भींगते हुए तीसरे दिन भी हड़ताल पर डटे रहे। डिटेक्टिव फोर्स प्राइवेट लिमिटेड की मनमानी, वेतन कटौती, EPF व ESI में गड़बड़ी, बोनस भुगतान और समय पर वेतन जैसी सात सूत्री मांगों को लेकर जेएलकेएम के बैनर तले यह अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है।

स्वास्थ्यकर्मियों ने साफ कहा है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, वे काम पर नहीं लौटेंगे। धरना स्थल पर महिला-पुरुष कर्मियों की बड़ी संख्या मौजूद है, जिनमें नागेंद्र चंद्रवंशी, अर्जुन पंडित जैसे प्रमुख नेता भी शामिल हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी से आंदोलनकारी कर्मियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।












