गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड अंतर्गत कहारडीह गांव में बुधवार को अफवाह के चलते एक निर्दोष व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान श्याम सिंह नावाडीह गांव निवासी नूर मोहम्मद के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का भरण-पोषण इटली (प्लास्टिक के बर्तन) बेचकर करता था। घटना तब हुई जब गांव में नूर मोहम्मद को अजनबी समझकर कुछ लोगों ने चोर बताकर हमला कर दिया। उसे गंभीर रूप से घायल कर सदर अस्पताल लाया गया, जहाँ से रांची के रिम्स रेफर किया गया। इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
मृतक की मां मरियम खातून ने बताया कि उन्हें बेटे के बंधक बनाकर मारपीट की सूचना मिली थी। जब वह कहारडीह गांव पहुँचीं, तो उनका बेटा घायल अवस्था में मिला। मरियम का कहना है कि उन्होंने अपने बेटे से अंतिम बार बातचीत की थी, जिसमें नूर ने बताया था कि वह एक महिला से मिलने गाँव आया था। लौटते समय गांव के ही यादव समाज के सात लोगों ने उसे चोर समझकर पीटना शुरू कर दिया। मरियम को देखते ही सभी आरोपी भाग गए।
पुलिस को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वह तुरंत हरकत में आई और मृतक की मां के आवेदन पर कहारडीह गांव के सात लोगों — राजेश यादव, सोनू यादव, बाबूलाल यादव, गणेश यादव, विकास यादव, विजय यादव और किशोर यादव — के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इन सभी पर बीएनएस की गैर-जमानती धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
नूर मोहम्मद की मौत की खबर जब उसके गांव पहुंची, तो पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने हत्या की इस नृशंस घटना की कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अफवाहें किस तरह से एक निर्दोष की जिंदगी लील सकती हैं। प्रशासन से ग्रामीणों ने अपील की है कि ऐसी घटनाएं दोबारा ना हों, इसके लिए संवेदनशीलता और सतर्कता जरूरी है।












