हजारीबाग के सिलवार स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में 22 झारखंड बटालियन एनसीसी द्वारा 23 मई को रक्तदान शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह शिविर वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के सहयोग से लगाया गया। उद्घाटन वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ‘ब्लड मैन’ निर्मल जैन, ब्रिगेडियर राजेश करेल और लेफ्टिनेंट कर्नल एंटोनी ने किया।
एनसीसी कैंप में 535 कैडेट्स मौजूद थे, जिनमें 300 जूनियर डिवीजन से थे। जागरूकता के तहत कैडेट्स ने रक्तदान के लाभों को जाना और भविष्य में रक्तदान का संकल्प लिया। वजन और उम्र के कारण कई कैडेट्स रक्तदान नहीं कर पाए, लेकिन उनका उत्साह सराहनीय रहा। कैम्प का शुभारंभ सीओ एंथोनी हेनरी सेल्वन ने स्वयं रक्तदान कर किया।
शिविर में कुल 26 लोगों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। रक्तदाताओं में पुरुषों के साथ-साथ कई महिलाएं भी शामिल थीं। सभी को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस सफल आयोजन में एनसीसी के अधिकारियों, प्रशिक्षकों, वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन, मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और आयोजकों का विशेष सहयोग रहा। यह शिविर न केवल रक्तदान का उदाहरण बना, बल्कि युवाओं में समाज सेवा की भावना भी प्रबल की।
हजारीबाग के सिलवार स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में 22 झारखंड बटालियन एनसीसी द्वारा 23 मई को रक्तदान शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह शिविर वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के सहयोग से लगाया गया। उद्घाटन वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ‘ब्लड मैन’ निर्मल जैन, ब्रिगेडियर राजेश करेल और लेफ्टिनेंट कर्नल एंटोनी ने किया।
एनसीसी कैंप में 535 कैडेट्स मौजूद थे, जिनमें 300 जूनियर डिवीजन से थे। जागरूकता के तहत कैडेट्स ने रक्तदान के लाभों को जाना और भविष्य में रक्तदान का संकल्प लिया। वजन और उम्र के कारण कई कैडेट्स रक्तदान नहीं कर पाए, लेकिन उनका उत्साह सराहनीय रहा। कैम्प का शुभारंभ सीओ एंथोनी हेनरी सेल्वन ने स्वयं रक्तदान कर किया।
शिविर में कुल 26 लोगों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। रक्तदाताओं में पुरुषों के साथ-साथ कई महिलाएं भी शामिल थीं। सभी को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
इस सफल आयोजन में एनसीसी के अधिकारियों, प्रशिक्षकों, वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन, मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों और आयोजकों का विशेष सहयोग रहा। यह शिविर न केवल रक्तदान का उदाहरण बना, बल्कि युवाओं में समाज सेवा की भावना भी प्रबल की।












