ये रात आम रात नहीं थी… ये रात थी बदले की। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए उस क्रूर आतंकी हमले का जवाब भारतीय सेना ने दिया है, वो भी उसी अंदाज़ में जिससे दुनिया फिर एक बार भारत की सैन्य क्षमता से कांप उठी है। आधी रात, जब ज़्यादातर लोग गहरी नींद में थे, तभी भारतीय वायुसेना और थलसेना ने मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया। ठीक 01:44 बजे, पाकिस्तान की सीमा के पार घुसकर भारतीय सेना ने 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इनमें चार पाकिस्तान में और पांच पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में स्थित थे। ऑपरेशन की सफलता की खबर आते ही भारतीय सेना ने ट्वीट किया—“न्याय हुआ, जय हिंद।”*
इन हमलों में बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट, कोटली और मुजफ्फराबाद जैसे इलाके निशाने पर रहे, जो आतंकी संगठनों जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकाने माने जाते हैं। सेना ने साफ कर दिया है कि यह हमला किसी पाकिस्तानी सैन्य संरचना को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि विशुद्ध रूप से आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए था। इसका मकसद पड़ोसी देश से युद्ध करना नहीं, बल्कि उस ज़हर की जड़ को मिटाना था जो भारत में मासूमों की जान ले रहा है। पहलगाम हमले में मारे गए 26 बेगुनाहों की मौत का ये हिसाब था।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मिशन पर नज़र बनाए हुए थे। उन्होंने रातभर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और शीर्ष कमांडरों के साथ संपर्क में रहते हुए ऑपरेशन की हर चाल पर पैनी निगाह रखी। वहीं दूसरी ओर, पाकिस्तान इस हमले से तिलमिलाया और अपनी सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन शुरू कर दिया। राजौरी-पुंछ सेक्टर में गोलीबारी की खबरें आईं, तो BSF को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट पर रखा गया है।
भारत के इस साहसी कदम पर वैश्विक प्रतिक्रिया भी तेज़ है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें अंदाज़ा था कि कुछ बड़ा होने वाला है। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बयान जारी कर कहा—“पाकिस्तान को जवाब देने का पूरा हक है और जोरदार जवाब दिया जाएगा।” पाकिस्तान मीडिया ने बताया कि भारत की एयर स्ट्राइक में 8 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए हैं। लेकिन इस बात को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता कि दुनिया अब भारत के बदले के इस संतुलित और लक्ष्य-केन्द्रित कदम को सैन्य अनुशासन का उदाहरण मान रही है।
भारतीय दूतावास की ओर से जारी बयान में साफ कहा गया है कि भारत के पास पुख्ता सबूत हैं कि पहलगाम हमला पाकिस्तान की साजिश थी और इस हमले की योजना वहां के आतंकी संगठनों ने बनाई थी। भारत का यह संदेश अब साफ है—आतंक की भाषा को अब उसी की भाषा में जवाब मिलेगा। ये सिर्फ जवाब नहीं, चेतावनी भी है। और ये चेतावनी है उन तमाम आतंकी सरगनाओं के लिए जो अब भी भारत के खिलाफ साजिशें बुनते हैं। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, एक घोषणा है—भारत अब चुप नहीं बैठेगा।












