गिरिडीह से गहराई से जुड़े और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) के संस्थापक भुवन ऋभु को वर्ल्ड ज्यूरिस्ट एसोसिएशन ने ‘मेडल ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया है। वे यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले पहले भारतीय अधिवक्ता बने हैं। डोमिनिकन रिपब्लिक में हुए इस कार्यक्रम में 70 देशों के 1500 से ज़्यादा विधिवेत्ताओं के बीच बाल अधिकारों की सुरक्षा में उनके दो दशकों से किए गए कानूनी और जमीनी कार्यों को वैश्विक मान्यता मिली। गिरिडीह में बाल विवाह, बच्चों की ट्रैफिकिंग और शोषण के खिलाफ उनकी रणनीति व कानूनी दखल ने स्थानीय संगठनों को नई दिशा दी है। सहयोगी संस्था बनवासी विकास आश्रम अब उनके मार्गदर्शन में 2030 तक गिरिडीह को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के संकल्प पर काम कर रही है। यह सम्मान सिर्फ भुवन ऋभु का नहीं, बल्कि उन हज़ारों जमीनी कार्यकर्ताओं की जीत है जो बच्चों के हक़ की लड़ाई को न्याय की अदालत तक लेकर जा रहे हैं।












