गिरिडीह जिले के समाहरणालय परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब उपायुक्त कार्यालय के बाहर एक पुलिस जवान ने शराब के नशे में हंगामा शुरू कर दिया। जवान की बेतुकी हरकतों से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मुफ्फसिल थाना प्रभारी और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद जवान को काबू में किया और कार्यालय से हटाया। सवाल ये है कि प्रशासनिक भवन में इस तरह की लापरवाही कैसे हुई और इसकी जवाबदेही किसकी है?

घटना के समय भाजपा नेता कामेश्वर पासवान अपने दल के साथ डीसी को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वे गिरिडीह में रह रहे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान कर कार्रवाई की मांग कर रहे थे, तभी एक ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी नशे में गाली-गलौज करने लगा। भाजपा नेता ने ऐसे जवान को तुरंत बर्खास्त करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना ये है कि प्रशासन इस शर्मनाक घटना पर कितनी गंभीरता दिखाता है।













