रांची: झारखंड के वकीलों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने शनिवार को वकीलों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा की है, जिसमें सामान्य बीमारियों के लिए 5 लाख रुपये और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपये तक का कवरेज मिलेगा। यह घोषणा खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। इस योजना के तहत अब तक 14,937 वकील पंजीकृत हो चुके हैं, और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। यह पहल झारखंड सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा और सम्मान देने की कोशिश की जा रही है।
मुख्यमंत्री सोरेन ने योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि वकील समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक वकील के लिए बीमा योजना का वार्षिक प्रीमियम 6,000 रुपये खुद वहन करेगी। इससे वकीलों को न केवल आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि कठिन समय में उन्हें बेहतर इलाज की सुविधा भी मिल सकेगी। यह बीमा योजना वकीलों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगी।
इस योजना के जरिए सरकार यह संदेश भी देना चाहती है कि वह समाज के हर वर्ग के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ बीमा योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य में देश का सर्वश्रेष्ठ विधि विश्वविद्यालय (Law University) स्थापित करना भी है। इससे झारखंड न केवल कानूनी शिक्षा में अग्रणी बनेगा, बल्कि भविष्य में और भी योग्य वकील तैयार होंगे जो राज्य और देश की न्याय प्रणाली को मजबूत बनाएंगे।
यह फैसला राज्य के वकीलों में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देगा। यह योजना केवल स्वास्थ्य बीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक व्यापक सोच का हिस्सा है, जिसमें सरकार नागरिकों की बेहतरी के लिए गंभीरता से काम कर रही है। झारखंड सरकार की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणा बन सकती है, जहां वकील जैसे पेशेवर वर्गों के लिए अभी भी ऐसी योजनाओं की भारी कमी है। क्या झारखंड अब सामाजिक सुरक्षा की मिसाल बनेगा? वक्त ही बताएगा, लेकिन यह कदम निश्चित रूप से एक सकारात्मक शुरुआत है।












