गिरिडीह के सममेद शिखर मधुबन में बुधवार को आदिवासी समुदाय ने जैन समाज के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। तीन साल बाद आदिवासी संगठनों का हुजूम पारसनाथ पहाड़ पर अतिक्रमण के आरोप के तहत उमड़ा, जिसमें हजारों की संख्या में आदिवासी महिलाएं और युवा शामिल हुए। उन्होंने पूजा अर्चना के बाद बैनर के साथ जुलूस निकाला, जिसमें जैन समाज को चेतावनी दी गई कि वे पारसनाथ और मधुबन को तुरंत खाली करें, क्योंकि यहां के पूजा स्थलों पर अतिक्रमण किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

रामगढ़ से आए प्रदीप सोरेन ने आरोप लगाया कि जैन समाज ने पहाड़ के स्वरूप को बदल दिया है और 20 तीर्थंकों के मोक्ष के दावे को झूठा बताया। उनका कहना था कि जैन समाज केवल मनगढ़ंत दावों के सहारे न्यायालय और सरकार को भ्रमित कर रहा है, लेकिन आदिवासी समुदाय को न्यायालय के फैसले पर पूरा विश्वास है।













