बाल अधिकार, व्यवहार विज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य को अकादमिक ढांचे में मजबूत करने की दिशा में एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा और इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन के शोध प्रभाग सेंटर फॉर लीगल एंड बिहेवियर चेंज फॉर चिल्ड्रेन (सी-लैब) के बीच महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। इस करार के तहत बाल संरक्षण क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए विशेष सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जाएंगे। दोनों संस्थान संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम निर्माण, अध्ययन सामग्री तैयार करने तथा बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर शोध और विशेषज्ञता विकसित करने का कार्य करेंगे।

समझौते पर इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन की कार्यकारी निदेशक डॉ. संपूर्णा बेहुरा और एमिटी यूनिवर्सिटी हरियाणा के प्रो वाइस चांसलर डॉ. विकास मधुकर ने हस्ताक्षर किए। अधिकारियों ने बताया कि यह साझेदारी अकादमिक ज्ञान और जमीनी अनुभवों के बीच की दूरी को कम करेगी तथा बाल सुरक्षा तंत्र को अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनाएगी। साथ ही बाल यौन शोषण मामलों में ‘सपोर्ट पर्सन’ प्रशिक्षण को भी संस्थागत मान्यता दी जाएगी।












