गिरिडीह जिले में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की स्थापना को लेकर मांग तेज हो गई है। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने इस संबंध में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव को पत्र भेजकर गिरिडीह में राष्ट्रीय स्तर का आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की मांग की है। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति है, जिसकी वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने गिरिडीह की प्राकृतिक हरियाली, स्वच्छ वातावरण और औषधीय वनस्पतियों की उपलब्धता को आयुर्वेदिक शोध एवं उपचार के लिए आदर्श बताया।

खंडेलवाल ने कहा कि यहां संस्थान स्थापित होने से आयुर्वेद चिकित्सा, शिक्षा और शोध को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही झारखंड और पूर्वी भारत के लोगों को सुलभ एवं किफायती इलाज मिल सकेगा तथा हेल्थ टूरिज्म को भी नई दिशा मिलेगी। पत्र को आगे की कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय आयुष मिशन, नई दिल्ली के संयुक्त सलाहकार डॉ. सुरेश कुमार को अग्रसारित किया गया है।










