गिरिडीह के बरगंडा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सोमवार को आचार्य राजेंद्र लाल बरनवाल के सेवानिवृत्त होने के अवसर पर स्नेह-मिलन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य आनंद कमल ने कहा कि आचार्य राजेंद्र लाल बरनवाल ने 32 वर्षों की अखंड सेवा के दौरान अपनी कार्यकुशलता, सादगी और समर्पण से एक आदर्श शिक्षक के रूप में पहचान बनाई। वंदना प्रमुख, घोष प्रमुख एवं प्रचार-प्रसार प्रमुख के रूप में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।




विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें पुष्पगुच्छ, शॉल, वस्त्र, मिठाई एवं अन्य उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालन एवं काव्य पाठ आचार्य अजीत मिश्रा ने किया, जबकि प्रशस्ति पत्र का वाचन आचार्य डॉ. ब्रजेश बरनवाल ने किया। समारोह में अपने अनुभव साझा करते हुए आचार्य राजेंद्र लाल बरनवाल ने कहा कि विद्यालय और बच्चों से मिला स्नेह उनके लिए अमूल्य धरोहर है। उन्होंने सभी आचार्य-दीदी से टीम भावना के साथ विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी आचार्य-दीदी उपस्थित रहे।












