गिरिडीह सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा, गिरिडीह में बुधवार को विद्यालय स्तरीय शोध गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के सभी आचार्य एवं दीदी ने सक्रिय सहभागिता की। गोष्ठी का उद्देश्य शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और पठन-पाठन से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर मंथन करना रहा। प्रधानाचार्य आनंद कमल ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि विद्या भारती के चार प्रमुख आयामों में शोध एक अत्यंत महत्वपूर्ण आयाम है, जिसके माध्यम से शैक्षिक चुनौतियों का सम्यक समाधान संभव हो पाता है।

शोध प्रमुख अजित कुमार मिश्र ने बताया कि विद्या भारती की योजना के अंतर्गत आचार्य क्रियात्मक शोध के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में आने वाली विविध समस्याओं का समाधान करते हैं। आचार्य प्रदीप कुमार सिन्हा ने पीपीटी के माध्यम से क्रियात्मक शोध की उपयोगिता और उसके विभिन्न चरणों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि सबसे पहले समस्या के कारणों पर चिंतन आवश्यक है, इसके बाद चरणबद्ध तरीके से समाधान की दिशा में कार्य किया जाना चाहिए। अंत में प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी सत्र में प्रत्येक आचार्य-दीदी कम से कम एक विषय पर शोध कर उसका लिखित प्रतिवेदन विद्यालय के शोध प्रमुख को समर्पित करेंगे।













