अफ्रीकी देश नाइजर में आठ महीनों तक बंधक बनाए गए गिरिडीह जिले के बगोदर प्रखंड के पांच प्रवासी मजदूरों में से दो मजदूर बुधवार को सुरक्षित अपने घर लौट आए। जैसे ही मजदूरों के लौटने की खबर फैली, पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों की आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान दोनों साथ नजर आए। घर पहुंचने पर प्रवासी मजदूर संजय महतो ने मीडिया को बताया कि अपराधियों ने अपहरण के दौरान उनके हाथ बांध दिए थे और आंखों पर पट्टी बांधकर उन्हें जंगल में ले जाया गया, जहां उन्हें महीनों तक कैद में रखा गया।

संजय ने बताया कि भोजन की कमी नहीं थी, लेकिन परिवार से संपर्क नहीं हो पाने की पीड़ा सबसे बड़ी थी। आठ महीनों तक अनिश्चितता में रहने के बाद घर लौटना किसी चमत्कार से कम नहीं है। वहीं पत्नी सोनी देवी अपने पति को देखकर भावुक हो उठीं। परिवार ने राहत की सांस ली है। बताया गया कि बाकी तीन मजदूर भी एक-दो दिन में घर लौटेंगे, जिससे पूरे इलाके में खुशी का माहौल और बढ़ने की उम्मीद है।












