गिरिडीह से करीब 40 किलोमीटर दूर जमुआ–देवघर मुख्य मार्ग पर उसरी नदी तट स्थित खरगडीही में लंगटा बाबा की 116वीं समाधि वर्षगांठ के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर बाबा की समाधि पर चादरपोशी और पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। यह समाधि स्थल सर्वधर्म सद्भाव की अनूठी मिसाल है, जहां हिंदू, मुस्लिम सहित विभिन्न धर्मों के लोग श्रद्धा के साथ माथा टेकते हैं। शनिवार की सुबह 3:15 बजे नियमानुसार जमुआ थाना प्रभारी ने सबसे पहले चादरपोशी की, इसके बाद श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी मन्नतें मांगीं।

मान्यता है कि वर्ष 1910 में पौष पूर्णिमा के दिन लंगटा बाबा ब्रह्मलीन हुए थे, जिसके बाद यहां समाधि स्थल का निर्माण हुआ। कहा जाता है कि बाबा मानव ही नहीं, पशु-पक्षियों के भी हितैषी थे और उनके पास आने वालों के कष्ट दूर होते थे। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। खोरीमहुआ एसडीएम अनिमेष रंजन और एसडीपीओ राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी मुस्तैद रहे।













