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गिरिडीह में गूंजेंगे रफी के सदाबहार गीत: एकता कल्चरल फाउंडेशन 5 जनवरी को करेगा भव्य संगीत संध्या का आयोजन

गिरिडीह में संगीत प्रेमियों के लिए एक खास शाम की तैयारी पूरी हो चुकी है। एकता कल्चरल फाउंडेशन के चेयरमैन राजेश सिन्हा और अध्यक्ष बबलू सानू ने संयुक्त बयान जारी कर जानकारी दी कि आगामी 5 जनवरी को फाउंडेशन के बैनर तले सदी के महान गायक मोहम्मद रफी की याद में गीत-संगीत का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन गिरिडीह स्थित संगम गार्डेन में शाम के समय होगा, जहां रफी साहब के सदाबहार गीतों की मधुर प्रस्तुति से माहौल संगीतमय बनेगा।

प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य न सिर्फ रफी साहब को श्रद्धांजलि देना है, बल्कि गिरिडीह के स्थानीय कलाकारों और कला-संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। कार्यक्रम में शहर के तमाम कलाकारों, विभिन्न कला संगठनों और कई विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा। फाउंडेशन ने सभी संगीत प्रेमियों से अपील की है कि वे 5 जनवरी की शाम संगम गार्डेन पहुंचकर इस यादगार संध्या का हिस्सा बनें और स्थानीय प्रतिभाओं का उत्साह बढ़ाएं।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सामान्यतः मोहम्मद रफी का जन्मदिन 24 जनवरी को सानू कैंपस में मनाया जाता है, लेकिन इस बार ठंड को देखते हुए कार्यक्रम की तिथि पहले तय की गई है। उन्होंने बताया कि यह फाउंडेशन का पिछले दो वर्षों में 38वां कार्यक्रम है, जो संस्था की निरंतर सक्रियता और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्तमान में एकता कल्चरल फाउंडेशन से 62 सदस्य जुड़े हुए हैं, और आने वाले समय में इस संख्या को बढ़ाकर 200 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

फाउंडेशन के महासचिव पंकज शर्मा, सचिव कासिम खां सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि “संगीत ही हमारा धर्म है।” उन्होंने बताया कि संस्था के सक्रिय सदस्य स्वेच्छा से प्रति माह 200 रुपये का सहयोग करेंगे, जिससे हर तीन महीने में किसी न किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम या सम्मान समारोह का आयोजन किया जा सकेगा। मैनेजर ताहिर इमाम समेत संदीप अग्रवाल, किशोर कुमार मिश्रा, मोजम्मिल, सैयुम, मुन्ना, बाबू, कादिर, नवाजिश, रिंटू, नदीम, अख्तर, टिंकू खां, हुसैन, अंसार, टार्जन, अमजद, सलीम, महबूब आलम सहित दर्जनों सदस्यों की मौजूदगी में कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प दोहराया गया। एकता कल्चरल फाउंडेशन ने कहा कि सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक संगठनों के साथ-साथ आम और खास सभी लोगों को वे हमेशा अपने कार्यक्रमों में आमंत्रित करते रहेंगे, ताकि संगीत और संस्कृति के माध्यम से समाज में एकता का संदेश फैलाया जा सके।

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