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धनबाद में गैस रिसाव का कहर जारी: केंदुआडीह में एक और मौत, इलाके में हाहाकार; BCCL पर लापरवाही के गंभीर आरोप

झारखंड के धनबाद जिले में बीसीसीएल के पीबी एरिया में हो रहा गैस रिसाव लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। मंगलवार को केंदुआडीह स्थित नया धौड़ा (राजपूत बस्ती) में एक और व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान जनता श्रमिक संघ से जुड़े सुरेंद्र कुमार सिंह के रूप में हुई है। प्रथम दृष्टया मौत की वजह जहरीली गैस, विशेषकर कार्बन मोनोऑक्साइड, मानी जा रही है। हालांकि, आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है, वहीं गैस रिसाव से अब तक तीसरी मौत ने प्रशासन और बीसीसीएल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र कुमार सिंह सोमवार रात अपने भाई के साथ गैस रिसाव से प्रभावित घर में सोए थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों को उन्होंने एहतियातन दूसरे घर में शिफ्ट कर दिया था। रात करीब एक बजे तक दोनों भाइयों के बीच बातचीत हुई। सुबह करीब छह बजे भाई चाय पीने बाजार चला गया। जब काफी देर तक सुरेंद्र सिंह नहीं जगे तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। आनन-फानन में उन्हें एंबुलेंस से शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जैसे ही शव केंदुआडीह पहुंचा, परिजनों में कोहराम मच गया और महिलाएं दहाड़ मारकर रोने लगीं।

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम करने की कोशिश की, हालांकि पुलिस की तत्परता से हालात को संभाल लिया गया। मौके पर पहुंचे झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने परिजनों से मुलाकात की और बीसीसीएल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गैस रिसाव प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बीसीसीएल पूरी तरह विफल साबित हुआ है। राहत और बचाव कार्य की गति बेहद धीमी है और तय गाइडलाइन के अनुसार काम नहीं किया जा रहा। वहीं झरिया विधायक रागिनी सिंह ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना जताई और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

पूर्व विधायक संजीव सिंह ने बताया कि पीबी एरिया के जीएम जीके मेहता से बात कर ऑफिसर्स कॉलोनी में मृतक के परिवार को अस्थायी आवास देने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही बीसीसीएल के वरीय अधिकारियों से 12 दिनों के भीतर किसी संस्थान में मृतक की विधवा को स्थायी नियोजन देने का आश्वासन भी मिला है। उल्लेखनीय है कि केंदुआडीह इलाके में पिछले करीब एक महीने से गैस रिसाव जारी है और इससे पहले दो महिलाओं की मौत हो चुकी है। अब तीसरी मौत के बाद इलाके में दहशत का माहौल और गहरा गया है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। फिलहाल मृतक के कुछ परिजन पुणे में हैं, जिनके आने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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