नए साल की शुरुआत झारखंड के युवाओं के लिए उम्मीद और भरोसे का संदेश लेकर आई है। राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वर्ष 2026 में झारखंड में रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार युवाओं को नौकरी देने के अपने संकल्प पर मजबूती से आगे बढ़ रही है और आने वाले महीनों में विभिन्न विभागों में बड़े पैमाने पर भर्तियां की जाएंगी। इस ऐलान के बाद राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस सिर्फ सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी क्षेत्र, उद्योग, स्टार्टअप और स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, प्रशासन, तकनीकी और ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों में रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा। इसके साथ ही झारखंड में निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक नीतियों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने ही राज्य में रोजगार मिल सके और पलायन पर रोक लगे।
सरकार की योजना के तहत कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सिर्फ नौकरी देना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उन्हें रोजगार के योग्य बनाना भी उतना ही जरूरी है। इसके लिए स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और उच्च शिक्षा संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण को मजबूत किया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि झारखंड के युवा तकनीकी, डिजिटल और औद्योगिक कौशल में दक्ष बनें, ताकि वे सरकारी के साथ-साथ निजी क्षेत्र में भी बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
मुख्यमंत्री के इस बयान को नए साल का सबसे बड़ा तोहफा माना जा रहा है। युवाओं और अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि जल्द ही भर्ती से जुड़े विज्ञापन जारी होंगे और लंबित नियुक्ति प्रक्रियाओं को भी गति मिलेगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के इस वादे को धरातल पर उतारने के लिए पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया बेहद जरूरी होगी। फिलहाल हेमंत सोरेन के इस भरोसे ने झारखंड के युवाओं में एक नई उम्मीद जगा दी है कि आने वाला साल उनके करियर और भविष्य के लिए बेहतर साबित हो सकता है।












