झारखंड के हजारीबाग जिले में एक बार फिर अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आए, जब देर रात दनादन गोलियां चलने से पूरा इलाका दहशत में आ गया। जानकारी के अनुसार, यह सनसनीखेज हमला विस्थापित नेता दसई मांझी के आवास पर किया गया। अचानक हुई फायरिंग से आसपास के लोग सहम गए और घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जबकि हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात के समय अज्ञात अपराधी हथियारों से लैस होकर दसई मांझी के घर पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोलियों की आवाज से पूरा मोहल्ला गूंज उठा। हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन घर और आसपास की दीवारों पर गोलियों के निशान साफ देखे गए हैं। बताया जा रहा है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था, जिससे यह आशंका और गहराती जा रही है कि इसके पीछे किसी पुरानी रंजिश या विस्थापन से जुड़ा विवाद हो सकता है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मौके से खोखे बरामद किए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। शुरुआती जांच में व्यक्तिगत दुश्मनी, राजनीतिक दबाव या विस्थापन से जुड़े मुद्दों—तीनों पहलुओं को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है।
इस वारदात के बाद हजारीबाग में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं से आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। वहीं, विस्थापित नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा और दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। फिलहाल पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और तनावपूर्ण माहौल पर नजर रखी जा रही है।












