अहमदाबाद। अमित शाह ने रविवार को गुजरात के अहमदाबाद में विश्व उमिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘युवा बिजनेस महासम्मेलन–2025’ को संबोधित करते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर भारत की धुरी बताया। इस भव्य आयोजन में करीब 15 हजार युवा उद्यमियों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि यह महासम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और संस्कृति के समन्वय का सशक्त मंच है, जो युवाओं को व्यापार और तकनीक से जोड़ने का काम कर रहा है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने विश्व उमिया फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था ने मां उमिया के प्रति न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश में श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन द्वारा लॉन्च किया गया नया ऐप युवाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा, क्योंकि इसके माध्यम से क्लाइंट, मेंटोर, करियर, अवसर और बाजार के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा। अमित शाह ने कहा कि आज के दौर में सूचना सबसे बड़ी शक्ति है और सही मार्गदर्शन के बिना प्रतिभा भी भटक सकती है। यह ऐप युवाओं को व्यावसायिक संरक्षण, संवर्धन और विस्तार के लिए एक मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा।
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच भारत ने अभूतपूर्व आर्थिक छलांग लगाई है। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन मात्र 11 वर्षों में देश चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2027 तक तीसरे स्थान पर पहुंचने का पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, मुद्रा योजना, वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल जैसी पहलों ने युवाओं को व्यापार और उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया है। 2014 में जहां देश में केवल 500 स्टार्टअप और 4 यूनिकॉर्न थे, वहीं आज 2 लाख 6 हजार स्टार्टअप और 120 यूनिकॉर्न भारत की ताकत बन चुके हैं, जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है।
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में अमित शाह ने वर्ष 2047 के लक्ष्य की बात करते हुए कहा कि जब देश आज़ादी का शताब्दी उत्सव मनाएगा, तब भारत को हर क्षेत्र में दुनिया का नंबर एक देश बनना चाहिए। इसके लिए आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी का आग्रह सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भारत में बने उत्पादों को अपनाएं और वैश्विक बाजार तक भारतीय उत्पादों को पहुंचाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि अगर युवा शक्ति, तकनीक और उद्यमिता एक साथ आगे बढ़ेंगी, तो भारत को विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को मिला यह व्यापारिक और तकनीकी एक्सपोजर आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।












