अहमदाबाद। अमित शाह ने रविवार को गुजरात के अहमदाबाद स्थित नवा वणझर गाँव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 205 विस्थापित परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाण-पत्र वितरित किए। इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर है, जो मोदी सरकार की जनसेवा और संवेदनशील प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इन परिवारों को अस्थायी तौर पर बसाकर भविष्य के भरोसे छोड़ दिया था, जबकि वर्तमान सरकार ने उन्हें खोजकर स्थायी समाधान के रूप में भूमि का पट्टा प्रदान किया है।
अमित शाह ने अपने संबोधन में अहमदाबाद शहर की एक बड़ी और लंबे समय से चली आ रही समस्या का जिक्र करते हुए बताया कि शहर के 9 वार्ड—गोटा, चांदलोडिया, बोडकदेव, घाटलोडिया, जोधपुर, मकरपुरा, सरखेज, वेजलपुर और थलतेज—में सीवेज और गटर की समस्या का स्थायी समाधान किया गया है। इस परियोजना से लगभग 15 लाख लोग और 4500 से अधिक कॉलोनियां लाभान्वित होंगी। उन्होंने बताया कि करीब ₹400 करोड़ की लागत से तैयार की गई यह ड्रेनेज परियोजना एशिया की पहली ऐसी योजना है, जिसमें माइक्रो-टनलिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस तकनीक के जरिए जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाई गई, जिससे ऊपर यातायात और सामान्य जनजीवन बिना किसी बाधा के चलता रहा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू की गई कार्य संस्कृति और “पॉलिटिक्स ऑफ परफॉर्मेंस” का परिणाम है, जिसका गुजरात में सुंदर और प्रभावी तरीके से पालन हो रहा है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी केवल मांग आने पर काम करने की नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को पहले ही समझकर उनका समाधान करने की होती है। यही कार्य संस्कृति मोदी जी ने गुजरात से शुरू की और आज पूरे देश में इसे लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि अमृत योजना, मुख्यमंत्री की शहरी विकास योजनाओं और अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के फंड के समन्वय से यह ऐतिहासिक परियोजना समय से पहले पूरी हो सकी।
अपने भाषण के राजनीतिक हिस्से में अमित शाह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष जनता की पसंद और भावनाओं के खिलाफ खड़ा रहता है, फिर यह सवाल करता है कि वे चुनाव क्यों हारते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को विपक्ष ने नजरअंदाज किया, उन्हें मोदी सरकार ने सम्मान और अधिकार दिए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में भी विपक्ष की हार तय है और वर्ष 2029 में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही सरकार बनेगी। कार्यक्रम के अंत में अमित शाह ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि गुजरात में जिस तरह विकास, संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम हो रहा है, वह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन चुका है।












