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वीर बाल दिवस 2025: झारखंड की फुटबॉलर अनुष्का को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

वीर बाल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से 20 बच्चों को सम्मानित किया। झारखंड की 14 वर्षीय फुटबॉलर अनुष्का को खेल श्रेणी में मिला प्रतिष्ठित पुरस्कार। जानिए पूरी खबर।

वीर बाल दिवस पर बाल प्रतिभाओं का राष्ट्रीय सम्मान

वीर बाल दिवस के अवसर पर शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से चयनित 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया। यह पुरस्कार बच्चों को साहस, खेल, कला-संस्कृति, नवाचार और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया जाता है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उपस्थित रहे और उन्होंने सभी पुरस्कार विजेताओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।

झारखंड की अनुष्का बनीं प्रेरणा की मिसाल

इस वर्ष खेल श्रेणी में झारखंड की 14 वर्षीय फुटबॉलर अनुष्का को यह प्रतिष्ठित सम्मान मिला। हजारीबाग जिले की रहने वाली अनुष्का की कहानी संघर्ष और संकल्प की मिसाल है। उनकी मां दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं, जबकि पिता लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। सीमित संसाधनों और कठिन हालात के बावजूद अनुष्का ने फुटबॉल के प्रति अपने जुनून को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया।

लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर अनुष्का ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और वर्तमान में वह अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम का हिस्सा हैं। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा मंच से मिला सम्मान न सिर्फ अनुष्का के लिए, बल्कि झारखंड जैसे राज्य के उभरते खिलाड़ियों के लिए भी बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

खेल श्रेणी में अन्य युवा सितारे

खेल श्रेणी में ही छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोंडागांव की 14 वर्षीय योगिता मंडावी को जूडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। योगिता ने कम उम्र में ही अपने माता-पिता को खो दिया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर उन्होंने यह साबित किया कि प्रतिभा किसी परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।

इसी क्रम में 14 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वालों में शामिल रहे। हालांकि वे विजय हजारे ट्रॉफी में व्यस्त होने के कारण समारोह में शामिल नहीं हो सके। वैभव ने अंडर-19 क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बनाए हैं और वे लिस्ट-ए क्रिकेट में शतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बन चुके हैं।

साहस, कला और नवाचार में भी चमके बच्चे

साहस श्रेणी में फिरोजपुर के श्रवण सिंह, केरल के मोहम्मद सिद्दान और उत्तर प्रदेश के अजय राज को सम्मानित किया गया। अजय राज ने मगरमच्छ के हमले से अपने पिता की जान बचाकर अद्भुत साहस का परिचय दिया था। बिहार के कमलेश कुमार और तमिलनाडु की ब्योमा को उनके असाधारण साहस के लिए मरणोपरांत पुरस्कार प्रदान किया गया।

कला-संस्कृति श्रेणी में पश्चिम बंगाल के युवा तबला वादक सुमन सरकार और मिजोरम की लोकप्रिय यूट्यूब कंटेंट क्रिएटर एस्तेर लालदुहावमी को सम्मान मिला। नवाचार श्रेणी में असम की आयशी प्रिषा बोराह को उनके रचनात्मक और तकनीकी योगदान के लिए चुना गया।

बच्चों के सपनों को मिला नया पंख

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार समारोह ने यह संदेश दिया कि देश का भविष्य इन प्रतिभाशाली बच्चों के हाथों में सुरक्षित है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। अनुष्का जैसी बेटियां आज लाखों बच्चों के लिए प्रेरणा बन रही हैं, जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

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